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कैसे कहें कि हम आज़ाद है?

Posted On: 13 Aug, 2014 Others में

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ये कैसी आज़ादी
जिसमें

कानून का रक्षक भी बलात्कारियों से
अपना हिस्सा मांगता  हैं।

डरी हुई,लुटी हुई लड़की को

इतना डराता   हैं कि
बाप अपनी बेटी को

मुँह सिलने को कहता है।

ये कैसी  आज़ादी
जिसमें
रक्षक ही

हवश के अंधों को

सुरक्षा कबच देकर

कामांध लड़कों  की
भूल को बचाता  है ।

ये कैसी आज़ादी
जिसमें-

उंगली उठती है तो सिर्फ औरतों पर

अंधेरों -उजालों में
जो गुनाह कर आतें हैं

नहा धो पावन हो जातें हैं

सुबह मंदिर में माथा टेक

रात के गुनाह उनके
सब मिट  जातें हैं

ये कैसी आज़ादी -
जिसमें

एक लड़की ,एक बच्ची,
अपने ही घर में
महफूज़ नहीं है

मंदिर -देबालय-गिरिजा
मौजूद है हर जगह
जिस्म के भूखे भेड़िये
जिस देश में -
एक बूढ़ी ,एक प्रौढ़ महिला तक -

महफूज़ नहीं है

उस देश में ये कहते हुए

शब्द जुवान से बाहर

आने से  झिझकतें हैं

कैसे कहें की हम आज़ाद है ?
पुनीता सिहं

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

RAJESH DANGI के द्वारा
August 16, 2014

लचर कानून व्यवस्था पर जोरदार तमाचा व सामाजिकता शर्मसार…! शानदार प्रस्तुति…!

    punita singhs के द्वारा
    August 16, 2014

    dhnyvaad rajesh jee

deepak pande के द्वारा
August 15, 2014

sunder abhivyakti aadarniya punita jee

    punita singhs के द्वारा
    August 16, 2014

    धन्यवाद दीपक जी


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